बहती बयार, मोबाइल तिहार

छत्तीसगढ़ की संचार क्रांति योजना आज बहस के केंद्र में है। दुनिया में पहली बार किसी राज्य सरकार ने साढ़े पचपन लाख मोबाइल गरीब जनता को मुफ्त देने का फैसला किया है। स्कूल-कॉलेज में पढऩे वाले छात्रों तथा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों को दो चरणों में मोबाइल बांटे जाएंगे। पहले चरण में इसी वर्ष करीब 50 लाख और दूसरे चरण में सन् 2019 में करीब साढ़े पांच लाख से अधिक मोबाइल लोगों में बांटे जाएंगे। सरकार की मंशा आचार संहिता लागू होने से पूर्व पहले चरण को पूरा करने की है। सियासी हलकों में चुनाव आचार संहिता के पहले फ्री मोबाइल वितरण मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।
गौरतलब हैं कि संचार क्रांति योजना के तहत स्काई योजना को अंजाम देने की कवायद लंबे समय से चल रही थी। विवाद कम से कम हो इसके लिए बड़ी हद तक पारदर्शिता बरती गई। मोबाइल कौन सा है, उसमें कौन-कौन से फीचर हैं, बाजार में उसकी कीमत कितनी है, कितनी राशि में खरीद हुई है, हितग्राहियों की अहर्ता क्या है और वे कैसे आवेदन कर सकते हैं यानी छोटी से छोटी बात का पूरा ब्यौरा दिया गया है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार सन् 2011 में हुई जनगणना के आधार पर कमजोर वर्ग के हितग्राहियों को माइक्रोमेक्स भारत स्काई-2 मोबाइल देगी। बाजार में इसकी कीमत करीब 4 हजार 9 सौ 99 रुपए है, किंतु अनुबंध के तहत सरकार ने इसे केवल 2 हजार 5 सौ 9 रुपए 92 पैसे प्रति मोबाइल खरीदा है। माइक्रोमेक्स मोबाइल 7.0 एंड्रायड में 4 इंच स्क्रीन, 5 एमपी फ्रंट कैमरा, रेयर कैमरा 4 गुना जूम, 8 जीबी मेमोरी, 1 जीबी रेंडम एसेस, मेमोरी 6 और रैम 8 हैं। 18 साल की छात्राओं और 21 साल के छात्रों को इससे उन्नत माइक्रोमेक्स भारत-4 दिया जाएगा, जिसका मूल्य एक हजार ज्यादा है। लक्षितजनों को मोबाइल खरीद मद पर मोटे तौर पर डेढ़ हजार करोड़ रुपया खर्च बैठेगा। इस योजना का एक खास पहलू यह भी है कि गरीबों को दिये जाने वाले मोबाइल का मालिकाना हक परिवार की प्रमुख महिला के नाम होगा। बताया जाता है कि ग्रामीण अंचल की 40 लाख महिलाएं इससे लाभवान्नित होंगी। हितग्राहियों को मोबाइल पाने के लिए ज्यादा पापड़ न बेलने पड़ें, इसका खास ख्याल मुख्यमंत्री ने रखा है।
फ्री मोबाइल जल्द बांटे जाने का संकेत 26 जुलाई, 2018 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के बस्तर दौरे के दौरान मिल गया था। राष्ट्रपति ने जब संचार क्रांति योजना का शुभारंभ किया था तो इसके बाद रायपुर इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री ने स्मार्ट फोन एप्प गोठ और 556 टॉवरों का लोकार्पण करते हुए कहा था कि जल्द ही 50 लाख लोगों के हाथों मे स्मार्ट फोन होगा। इसके बाद प्रदेश स्मार्ट छत्तीसगढ़ के नाम से जाना जाएगा। डॉ. रमन सिंह के अनुसार इन मोबाइल धारकों को मोबाइल मिलने के अगले छह माह तक बिल नही भेजा जाएगा। इस आशय का करार जियो रिलायंस के साथ हुआ है। मुख्यमंत्री के अनुसार मुफ्त मोबाइल योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को पूरा करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका सबसे ज्यादा फायदा गांव के लोगों को होगा और इससे ग्रामीण व्यक्ति सरकारी योजनाओं से जुड़ सकेगा। कृषि, पशुपालन, यातायात, रोजगार क्षेत्र में इसका प्रत्यक्ष फायदा होना है। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप में कुछ हितग्राहियों को मोबाइल भी दिया। इस रंगारंग कार्यक्रम में मशहूर अभिनेत्री कंगना राणावत की मौजूदगी भी सुर्खी बनी थी।
इससे मुफ्त मोबाइल योजना को विपक्ष आसानी से हजम नहीं कर पा रहा है। आलोचकों के अनुसार प्रदेश के 27 जिलों में से 9 जिलों में नेटवर्क की हालत खराब है। प्रदेश का राष्ट्रीय औसत 64 फीसदी से काफी नीचे है। जानकारों के अनुसार राज्य में कनेक्किटी एरिया 29 फीसदी है। बतौर मिसाल आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग में केवल 19 फीसदी आबादी कवरेज क्षेत्र में है। सरगुजा संभाग के सरगुजा, जशपुर, कोरिया जिला की स्थिति बस्तर से बहुत अलग नहीं है। चुनावी लाभ के लिए सरकार इससे होने वाले बड़े फायदों को गिनाते हुए आनन-फानन में मोबाइल बांटने को उतावली तो है, लेकिन जब दूरस्थ इलाकों में कनेक्किटी ही नहीं है तो हितग्राहियों को लाभ कैसे मिलेगा? सरकार ने इसके जवाब में कहा कि नए टॉवर लगाये जा रहे है और रेंज बढ़ाई जा रही है। भाजपा योजना को लेकर काफी उत्साहित है। पार्टी का मानना है कि रमन सिंह के धमाके के सामने विपक्ष का तर्क फुलझड़ी है। वक्त के साथ आया ज्वार चुनाव बीतने के साथ खुद उतर जाएगा। राजनीति से अलग गांव में मोबाइल तिहार को लेकर लोगों में खुशी है। आम लोगों को लग रहा है कि कुछ नहीं से कुछ होना ज्यादा अच्छा ंहै। मोबाइल विलासिता नहीं, आज की जरूरत है। एक अच्छा मोबाइल गरीब लोगों के हाथ में होना बड़ी बात होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *